आउट एंड लाउड’ के नाम से पिछले वर्ष पुणे मे क्वीयर फ़िल्म फ़ेस्टिवल का आयोजन हुआ। अपने नाम की तरह ही इस फ़िल्म फ़ेस्टिवल ने उतनीही आउट और लाउड अपनी छाप लोगों पर छोड़ी। पिछले वर्ष ३ दिन चले फ़िल्म फ़ेस्टिवल में ४८ फ़िल्में दिखाई गयीं। फ़िल्मों के साथ-साथ, फ़िल्म निर्माताओं के संग प्रतिदिन संवाद भी हुए जिसमें फ़िल्म निर्माताओं ने अपने अनुभव बाटे और लोगों से भी बातचीत की । इस तीन दिन के फ़िल्म फ़ेस्टिवल ने पुणे में बड़ी हलचल मचा दी। एक शांत और पुरानी सभ्यता से जकड़े शहर में मानो एक नयी आवाज़ उठी हो। 

इस वर्ष यह फ़िल्म फ़ेस्टिवल ६,७, और ८ एप्रिल २०१८ को मोनाल्सा कलाग्राम, कोरेगाँव पार्क में आयोजित किया गया है। यह फ़ेस्टिवल कुल ३ दिन चलेगा जिस में १२८ फ़िल्में दिखाई जायेंगी। इस वर्ष आयोजकों के पास कुल १६१५ फ़िल्में १०३ देशों से आई थीं। इन तीन दिनों में फ़िल्मों के अलावा निर्माताओं से चर्चा, डाँस, सिंगिंग और कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। पिछले कुछ वर्षों से फ़िल्म फ़ेस्टिवल मेट्रो सिटी तक ना सीमीत रह कर अपनी पोहोंच बढ़ा रहा है। इस प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रम समाज की सोच मे परिवर्तन लाने मे बड़ी भूमिका निभा रहा है। फ़िल्म फ़ेस्टिवल की अधिक जानकारी के लिए वेबसाईट पर जायें।

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One thought on “१२८ फ़िल्में साधरण जीवन की अनसुनी कहानियोंपर आधारित”

  1. excellent put up, very informative. I’m wondering why the other experts of this sector don’t notice this. You must proceed your writing. I’m sure, you’ve a great readers’ base already!

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